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Language: Hindi
اَللَّهُمَّ مَا أَصْبَحَ بِي مِنْ نِعْمَةٍ أَوْ بِأَحَدٍ مِنْ خَلْقِكَ فَمِنْكَ وَحْدَكَ لَا شَرِيكَ لَكَ، فَلَكَ الْحَمْدُ وَلَكَ الشُّكْرُ
अल्लाहुम्मा मा असबहा बी मिन नि'मतिन औ बि-अहदिन मिन ख़ल्किका फ़-मिन्का वद-दका ला शरीका लका, फ़-लकल-हम्दु व लकश-शुक्रु।
ए अल्लाह, जो भी नेमत मुझे या तेरी मखलूक में से किसी को आज सुबह मिली, वह केवल तुझसे ही है, तेरा कोई शरीक नहीं, तो तेरे लिए ही सब तारीफ है और तेरे लिए ही सब शुक्र है।