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Language: Hindi
इस दुआ को शाम को चार बार कहें:
اَللَّهُمَّ إِنِّي أَمْسَيْتُ أُشْهِدُكَ، وَأُشْهِدُ حَمَلَةَ عَرْشِكَ، وَمَلَائِكَتِكَ، وَجَمِيعَ خَلْقِكَ، أَنَّكَ أَنْتَ اللَّهُ لَا إِلَهَ إِلاَّ أَنْتَ وَحْدَكَ لَا شَرِيكَ لَكَ، وَأَنَّ مُحَمَّدًا عَبْدُكَ وَرَسُولُكَ
अल्लाहुम्मा 'इन्नी 'अम्सयतु 'उश-हिदुका व 'उश-हिदु हमालता 'अर्शिका, व मला-इ-कतिका व जमी-'अ ख़ल्किका, 'अन्नका 'अन्तल्लाहु ला इलाहा 'इल्ला 'अंता वहदका ला शरीका लका, व 'अन्ना मुहम्मदन 'अब्दुका व रसूलुका।
ए अल्लाह, बेशक मैंने शाम मैं हूँ और मैं तुझे, तेरे अर्श के उठाने वालों, तेरे फरिश्तों और तेरी तमाम मखलूक को गवाह बनाता हूँ कि तू ही अल्लाह है, तेरे सिवा कोई इबादत के लायक नहीं, तू अकेला है, तेरा कोई शरीक नहीं और यह कि मुहम्मद तेरे बंदे और तेरे रसूल हैं। अल्लाह उसे জাহান्नाम की आग से बचाएगा जो सुबह या शाम को चार बार यह कहेगा।
Reference: हसन (इब्न बाज़)। अबू दाऊद: ५०६९