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Language: Hindi
اَللَّهُمَّ اغْفِرْ لِي وَارْحَمْنِيْ وَاهْدِنِيْ وَعَافِنِيْ وَارْزُقْنِيْ
अल्लाहुम्मा-ग़फ़िर ली, वर-हमनी, वह-दिनी, व 'आफिनी वर-ज़ुक़नी
ए अल्लाह मुझे माफ कर दे, और मुझ पर रहम कर और मुझे हिदायत दे और मुझे अच्छी सेहत (आफियत) दे और मुझे रिज़्क अता कर। अबू मलिक ने अपने पिता के हवाले से बताया कि जब कोई व्यक्ति इस्लाम कबूल करता, तो अल्लाह के रसूल (ﷺ) उसे नमाज़ पढ़ने का तरीका सिखाते और फिर उसे इन शब्दों में दुआ करने का आदेश देते।
Reference: मुस्लिम: २६९૭