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Language: Hindi
لَا إِلَهَ إِلَّا اللَّهُ وَحْدَهُ لَا شَرِيكَ لَهُ، لَهُ الْمُلْكُ، وَلَهُ الْحَمْدُ، يُحْيِي وَيُمِيتُ، وَهُوَ حَيٌّ لَا يَمُوتُ، بِيَدِهِ الْخَيْرُ، وَهُوَ عَلَى كُلِّ شَيْءٍ قَدِيرٌ
ला इलाहा इल्लाल्लाहु वह-दहू ला शरीका लहू, लहुल-मुल्कु व लहुल-हम्दु, युहयी व युमीतु, व हुवा हय्युन ला यमूतु, बि यदिहिल-खैरु, व हुवा 'अला कुल्ली शय-इन क़दीर।
अल्लाह के सिवा कोई इबादत के लायक नहीं, वह अकेला है, उसका कोई शरीक नहीं, उसी की बादशाही है और उसी के लिए सब तारीफ है, वह ज़िंदगी देता है और मौत देता है, और वह हमेशा ज़िंदा रहने वाला है और कभी नहीं मरता; उसी के हाथ में सारी भलाई है और वह हर चीज़ पर कादिर (सामर्थ्यवान) है। उमर इब्न अल-खत्ताब (रज़ि.) ने कहा कि अल्लाह के रसूल (ﷺ) ने कहा: "जो कोई बाज़ार में प्रवेश करता है और ये शब्द कहता है, अल्लाह उसके लिए दस लाख नेकिया लिखेगा, उसकी दस लाख बुराइयां मिटा देगा, उसके लिए दस लाख दर्जे बढ़ा देगा और जन्नत में उसके लिए एक महल बनाएगा।"
Reference: हसन (अल्बानी)। तिर्मिज़ी: ३४२८