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Language: Hindi
بِسْمِ اللَّـهِ الرَّحْمَـٰنِ الرَّحِيمِ قُلْ يَا أَيُّهَا الْكَافِرُونَ ﴿١﴾ لَا أَعْبُدُ مَا تَعْبُدُونَ ﴿٢﴾ وَلَا أَنتُمْ عَابِدُونَ مَا أَعْبُدُ ﴿٣﴾ وَلَا أَنَا عَابِدٌ مَّا عَبَدتُّمْ ﴿٤﴾ وَلَا أَنتُمْ عَابِدُونَ مَا أَعْبُدُ ﴿٥﴾ لَكُمْ دِينُكُمْ وَلِيَ دِينِ ﴿٦﴾
बिस्मिल्लाहिर रहमानिर रहीम (१) कुल या-अय्युहल काफिरून (२) ला अ'बुदु मा त'बुदून (३) व ला अंतुम 'आबिदूना मा अ-बुद (४) व ला अना 'आबिदुम मा 'अबत्तुम (५) व ला अंतुम 'आबिदूना मा अ-बुद (६) लकुम दीनुकुम व लिय दींन
(१) कहो, "ए काफिरों, (२) मैं (उसकी) इबादत नहीं करता जिसकी तुम इबादत करते हो। (३) और न तुम (उसकी) इबादत करने वाले हो जिसकी मैं इबादत करता हूँ। (४) और न मैं (उसकी) इबादत करने वाला हूँ जिसकी तुमने इबादत की। (५) और न तुम (उसकी) इबादत करने वाले हो जिसकी मैं इबादत करता हूँ। (६) तुम्हारे लिए तुम्हारा दीन, और मेरे लिए मेरा दीन।" (सूरह काफिरून १०९: १-६) नौफल अल-अशजई (रज़ि.) ने कहा, अल्लाह के रसूल (ﷺ) ने मुझसे कहा, तुम सूरह काफिरून पढ़ने के बाद सोओगे, यह तुम्हें शिर्क से मुक्त (आज़ाद) करेगा।
Reference: सहीह (अल्बानी)। तिर्मिज़ी: ३४०३