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Language: Hindi
अब्दुल्लाह इब्न उमर (र.अ) से रिवायत है: जब अल्लाह के रसूल (ﷺ) अपने बिस्तर पर जाते, तो कहते:
اَلْحَمْدُ لِلَّهِ الَّذِى كَفَانِى وَآوَانِى وَأَطْعَمَنِى وَسَقَانِى وَالَّذِى مَنَّ عَلَىَّ فَأَفْضَلَ وَالَّذِى أَعْطَانِى فَأَجْزَلَ اَلْحَمْدُ لِلَّهِ عَلَى كُلِّ حَالٍ، اَللَّهُمَّ رَبَّ كُلِّ شَىْءٍ وَمَلِيْكَهُ وَإِلَهَ كُلِّ شَىْءٍ أَعُوْذُ بِكَ مِنَ النَّارِ
अल-हम्दु लिल्लाहिल-लज़ी कफ़ानी व आवानी व अतअमनी व सक़ानी वल-लज़ी मन्ना अलैया फ-अफ़दला वल-लज़ी अ'तानी फ-अज्ज़ला अल-हम्दु-लिल्लाही अला कुल्ली हाल, अल्लाहुम्मा रब्बा कुल्ली शैइन व मलिकहु व इलाहा कुल्ली शैइन अऊज़ु बिका मिनन नार
तारीफ अल्लाह के लिए है जिसने मुझे पर्याप्त दिया है, मेरी रक्षा की है, मुझे खाना और पानी दिया है, मुझ पर बहुत कृपा की है, और मुझे बहुत उदारतापूर्वक दिया है। हर हाल में अल्लाह के लिए तारीफ है। ए अल्लाह! हर चीज़ के रब और बादशाह, हर चीज़ के खुदा, मैं जहन्नम से तेरी पनाह मांगता हूँ।
Reference: सहीह (अल्बानी)। अबू दाऊद: ५०५८