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Language: Hindi
بِاسْمِكَ رَبِّي وَضَعْتُ جَنْبِي، وَبِكَ أَرْفَعُهُ، فَإِنْ أَمْسَكْتَ نَفْسِي فَارْحَمْهَا، وَإِنْ أَرْسَلْتَهَا فَاحْفَظْهَا، بِمَا تَحْفَظُ بِهِ عِبَادَكَ الصَّالِحِينَ
बिस्मिका रब्बी वदा'तु जन्बी, व बिका 'अरफ़ा'उहु, फ़-इन 'अमसकता नफ़्सी फ़रहमहा, व 'इन 'अरसाल्तहा फ़हफ़ज़ हा, बिमा तहफ़ज़ु बिहि 'इबादकस-सालिहीन
तेरे नाम से मेरे रब, मैं लेटता हूँ और तेरे नाम से मैं उठता हूँ, सो अगर तू मेरी रूह को ले ले तो उस पर रहम कर, और अगर तू मेरी रूह को लौटा दे तो उसकी हिफाज़त कर जिस तरह तू अपने नेक बंदों के साथ करता है। अबू हुरैरा (र.अ) से रिवायत है: पैगंबर (ﷺ) ने कहा, जब तुम में से कोई बिस्तर पर जाए, तो उसे अपनी कमर की चादर के अंदर से अपने बिस्तर को झाड़ना चाहिए, क्योंकि वह नहीं जानता कि उसके बाद उस पर क्या आया है, और फिर उसे कहना चाहिए: (दुआ ऊपर बताई गई है)
Reference: अल-बुख़ारी ११/१२६ नं. ६३२०, मुस्लिम ४/२०८४ नं. २૭१४