Loading...
Language: Hindi
أَسْتَغْفِرُ اللَّهَ الْعَظِيمَ الَّذِي لَا إِلَهَ إِلَّا هُوَ الْحَىُّ الْقَيُّوْمُ وَأَتُوبُ إِلَيْهِ
अस्तग़फ़िरुल्लाह-हल-अज़ीम-ल्लज़ी ला इलाहा इल्ला हुवल-हय्युल-क़य्याूमू व अतूबु इलैहि
मैं अल्लाह से माफ़ी मांगता हूँ जो महान है, जिसके सिवा कोई इबादत के लायक नहीं, जो हमेशा ज़िंदा और कायम रहने वाला है, और मैं उसी की ओर तौबा करता हूँ। नबी (ﷺ) ने कहा, 'जो कोई कहता है, 'मैं अल्लाह से माफ़ी मांगता हूँ, जो महान है, उसके अलावा कोई भगवान नहीं है, वह सदैव जीवित, शाश्वत है, और मैं उससे तौबा करता हूँ', उसे माफ़ कर दिया जाता है, भले ही वह युद्ध के मैदान से भाग गया हो।'
Reference: सहीह (अल्बानी)। तिर्मिज़ी: ३५૭७