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Language: Hindi
اَلْحَمْدُ لِلَّهِ الَّذِي أَطْعَمَنَا وَسَقَانَا وَكَفَانَا وَآوَانَا، فَكَمْ مِمَّنْ لَا كَافِيَ لَهُ وَلَا مُؤْوِيَ
अल-हम्दु लिल्लाहिल-लज़ी 'अत'अमना व सक़ाना, व कफ़ाना, व 'आवाना, फ़कम मिम्मन ला काफ़िया लहु व ला मु'विया
सब तारीफ अल्लाह के लिए है, जिसने हमें खिलाया और हमें पिलाया, और जो हमारे लिए काफी है और जिसने हमें पनाह दी, क्योंकि कितने ही ऐसे हैं जिनका कोई नहीं जो उनके लिए काफी हो या उन्हें पनाह दे। अनस (र.अ) ने कहा, रसूलुल्लाह (ﷺ) बिस्तर पर लेटे हुए यह दुआ पढ़ते थे।
Reference: मुस्लिम ४/२०८५ नं. २૭१५