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Language: Hindi
أَعُوْذُ بِكَلِمَاتِ اللَّهِ التَّامَّاتِ الَّتِي لَا يُجَاوِزُهُنَّ بَرٌّ وَلَا فَاجِرٌ مِنْ شَرِّ مَا خَلَقَ، وبَرَأَ وَذَرَأَ، وَمِنْ شَرِّ مَا يَنْزِلُ مِنَ السَّمَاءِ، وَمِنْ شَرِّ مَا يَعْرُجُ فِيهَا، وَمِنْ شَرِّ مَا ذَرَأَ فِي الْأَرْضِ، وَمِنْ شَرِّ مَا يَخْرُجُ مِنْهَا، وَمِنْ شَرِّ فِتَنِ اللَّيْلِ وَالنَّهَارِ، وَمِنْ شَرِّ كُلِّ طَارِقٍ إِلَّا طَارِقًا يَطْرُقُ بِخَيْرٍ يَا رَحْمَنُ
अऊज़ु बिकल-लिमा-तिल्लाहित ताम्मा-तिल्लाती ला-युजाविज़ुहुन्ना बर्रुन वला-फ़ा-जिरुन, मिन शर्रि मा- ख़लक़ा व बरा-आ व ज़रा-आ, व मिन शर्रि मा यन्ज़िलु मिनस समा-ई व मिन शर्रि मा य'रुज़ु फ़ी-हा, व मिन शर्रि मा ज़रा-अ फ़िल अर्दी, व मिन शर्रि मा यख़रुज़ु मिन्हा, व मिन शर्रि फ़ितनिल-लैलि वन नहा-रि, व मिन शर्रि कुल्ली तारिक़िन इल्ला तारिक़न यत्रुकु बिख़ैरिन या-रहमान
मैं अल्लाह के मुकम्मल कलिमात की पनाह मांगता हूँ, जिसे कोई नेक इंसान या पापी पार नहीं कर सकता, उस चीज़ की बुराई से जिसे उसने पैदा किया, बनाया और फैलाया, उस चीज़ की बुराई से जो आसमान से उतरती है, उस चीज़ की बुराई से जो आसमान पर चढ़ती है। उस चीज़ की बुराई से जो ज़मीन में बिखरी हुई है, उस चीज़ की बुराई से जो ज़मीन से निकलती है, रात और दिन के फितने की बुराई से, और हर अजनबी की बुराई से, सिवाय उसके जो भलाई के साथ आता है, ए सबसे रहम करने वाले। अब्दुर रहमान इब्न खानबश (र.अ) ने कहा, "एक रात शैतान जिन्न रेगिस्तान में आग के साथ पैगंबर (ﷺ) पर हमला करने के लिए आगे आया। तब जिब्रईल (अ.स) आए और उन्हें यह दुआ सिखाई। जैसे ही दुआ पढ़ी जाती है, शैतानों की आग बुझ जाती है और वे भाग जाते हैं।"
Reference: सहीह (अरनाऊत)। अहमद: १५४९९