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Language: Hindi
بِسْمِ اللَّهِ وَضَعْتُ جَنْبِى اَللَّهُمَّ اغْفِرْ لِي ذَنْبِيْ وَأَخْسِئْ شَيْطَانِيْ وَفُكَّ رِهَانِيْ وَاجْعَلْنِيْ فِي النَّدِىِّ الْأَعْلَى
बिस्मिल्लाही वदा'तु जन्बी, अल्लाहुम-मग़फिर ली ज़न्बी व अख़सी' शैतानी व फुक्का रिहानी वज'अलनी फिन-नदिय्यि अल-आ'ला
अल्लाह के नाम से, मैंने अपना पहलू अल्लाह के लिए रखा। ए अल्लाह! मेरे गुनाह माफ कर, मेरे शैतान को दूर कर, मुझे मेरी जिम्मेदारी से मुक्त कर, और मुझे सर्वोच्च सभा में जगह दे। अबुल अज़हर अनमारी (र.अ) ने कहा कि पैगंबर (ﷺ) रात में बिस्तर पर लेटे हुए ये शब्द कहते थे।
Reference: सहीह (अल्बानी)। सुनन अबू दाऊद: ५०५४