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Language: Hindi
اَلْحَمْدُ لِلَّهِ الَّذِي كَسَانِيْ هَذَا الثَّوْبَ وَرَزَقَنِيْهِ مِنْ غَيْرِ حَوْلٍ مِنِّيْ وَلَا قُوَّةٍ
अल-हम्दु लिल्लाहिल-लज़ी कसानी हाज़ा अष-षौबा व रज़क़नीहि मिन गैरि हाउलिम-मिन्नी व ला क़ुव्वह
सब तारीफ अल्लाह के लिए है जिसने मुझे यह कपड़ा पहनाया और मेरे बिना किसी ताकत या कुव्वत के मुझे यह प्रदान किया। पैगंबर (ﷺ) ने कहा, "अगर कोई कपड़े पहनते समय यह कहता है, तो उसके पिछले गुनाह माफ कर दिए जाएंगे।"
Reference: हसन (अल्बानी)। अबू दाऊद: ४०२३