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Language: Hindi
اَللَّهُمَّ إِنِّي أَسْأَلُكَ خَيْرَ الْمَوْلِجِ وَخَيْرَ الْمَخْرَجِ بِسْمِ اللَّهِ وَلَجْنَا وَبِسْمِ اللَّهِ خَرَجْنَا وَعَلَى اللَّهِ رَبِّنَا تَوَكَّلْنَا
अल्लाहुम्मा इन्नी अस'अलुका ख़ैरल-मौलिजी व ख़ैरल-मख़रजी। बिस्मिल्लाहि व लजना, व बिस्मिल्लाहि ख़रज-ना, व 'अल-अल्लाहि रब्बिना तवक्कल-ना
ए अल्लाह! मैं तुझसे प्रवेश करते समय और बाहर निकलते समय भलाई मांगता हूँ; अल्लाह के नाम से हमने प्रवेश किया, और अल्लाह के नाम से हम बाहर निकले, और अल्लाह हमारे रब पर हम भरोसा करते हैं। रसूलुल्लाह (ﷺ) ने हमें घर में प्रवेश करते समय अल्लाह का ज़िक्र करने का आदेश दिया और बताया कि, जो ऐसा करता है शैतान उसके साथ घर में प्रवेश नहीं कर सकता। घर में प्रवेश करते समय मौलिक दुआ सलाम करना है। अबू मलिक अशअरी (र.अ) ने रिवायत किया कि, रसूलुल्लाह (ﷺ) ने कहा कि, जब तुम में से कोई घर में प्रवेश करे, तो उसे इन शब्दों को पढ़ना चाहिए और फिर अपने परिवार को सलाम करना चाहिए। इस रिवायत के वर्णनकर्ता सभी भरोसेमंद हैं लेकिन एक संभावना है कि हदीस 'मुर्सल' है।
Reference: हसन (इब्न बाज़)। अबू दाऊद: ५०९६