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Language: Hindi
After uttering Mu'adhdhin Tashahhud (i.e. Ashhadu Anna Muhammadar ...) the listeners will say this dhikr -
أَشْهَدُ أَنْ لَا إِلَهَ إِلاَّ اللَّهُ وَحْدَهُ لَا شَرِيكَ لَهُ وَأَنَّ مُحَمَّدًا عَبْدُهُ وَرَسُولُهُ رَضِيتُ بِاللَّهِ رَبًّا وَبِمُحَمَّدٍ رَسُولًا وَبِالْإِسْلَامِ دِينًا
अश-हदु अन ला इलाहा इल्ल-अल्लाहु वहदहु ला शरीका लहु व अन्ना मुहम्मदन् 'अब्दुहु व रसूलुहु, रदीतु बिल्लाहि रब्बन व बिमुहम्मदन् रसूलन् व बिल-इस्लामि दीनन्
मैं गवाही देता हूँ कि अल्लाह के अलावा इबादत के लायक कोई नहीं है, वह अकेला है, उसका कोई शरीक नहीं है, और मुहम्मद उसके बंदे और रसूल (ﷺ) हैं। मैं अल्लाह के रब होने, और मुहम्मद के रसूल होने और इस्लाम के दीन होने पर राज़ी हूँ। स'द इब्न अबी वक़्क़ास (र.अ) ने कहा: अल्लाह के रसूल (ﷺ) ने कहा: "जो कोई मुअज़्ज़िन को सुनता है और इन शब्दों को कहता है, उसके सभी गनाह माफ कर दिए जाएंगे।"
Reference: मुस्लिम: ३८६