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Language: Hindi
اَللَّهُمَّ رَبَّ هَذِهِ الدَّعْوَةِ التَّامَّةِ، وَالصَّلَاةِ الْقَائِمَةِ، آتِ مُحَمَّدًا وَالْوَسِيْلَةَ وَالْفَضِيْلَةَ، وَابْعَثْهُ مَقَامًا مَحْمُوْدًا الَّذِيْ وَعَدْتَهُ
अल्लाहुम्मा रब्बा हाज़िहिद-दा'अ-वतित-ताम्माह, वस्सलातिल-क़ा'इमह, आति मुहम्मद-निल-वासीलत वल-फ़दीलह, वब'अष-हु मक़ामम महमूद-निल्लज़ी व'अद-तह
ए अल्लाह, इस कामिल पुकार और कायम होने वाली नमाज़ के रब, मुहम्मद (ﷺ) को अल-वसीला और अल-फ़दीला प्रदान कर और उन्हें उस मक़ाम-ए-महमूद (प्रशंसित स्थान) पर खड़ा कर जिसका तूने उनसे वादा किया है।
Reference: बुख़ारी: ६१४