Loading...
Language: Hindi
سُبُّوْحٌ قُدُّوْسٌ رَبُّ الْمَلَائِكَةِ وَالرُّوْحِ
सुब्बुहुन, क़ुद्दूसुन, रब्बुल-मलाइकति वर्रूह
महिमा (तेरे लिए), सबसे पवित्र (तू है), फरिश्तों और रूह का रब। आयशा (र.अ) ने कहा कि रसूलुल्लाह (ﷺ) इसे रुकू और सुजू़द में पढ़ते थे।
Reference: सहीह (अल्बानी)। अबू दाऊद: ८૭२