Loading...
Language: Hindi
سُبْحَانَكَ اَللَّهُمَّ رَبَّنَا وَبِحَمْدِكَ، اَللَّهُمَّ اغْفِرْ لِي
सुभानका अल्लाहुम्मा रब्बना व बिहमदिका अल्लाहुम-मग्फिर ली
महिमा तेरी है, ए अल्लाह, हमारे रब, और प्रशंसा तेरी है। ए अल्लाह, मुझे माफ कर दे। [१] आयशा (र.अ) से रिवायत है, उन्होंने कहा कि कुरान [२] के निर्देशों के अनुसार, अल्लाह के रसूल (ﷺ) झुकते और साष्टांग प्रणाम करते समय इस दुआ को अधिक से अधिक कहते थे - (दुआ का उल्लेख ऊपर किया गया है)
Reference: [१] बुख़ारी: ૭९४ [२] सूरा अन-नस्र ११०:३