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Language: Hindi
इसे १० बार कहें -
لَا إِلَهَ إِلَّا اللَّهُ وَحْدَهُ لَا شَرِيكَ لَهُ، لَهُ الْمُلْكُ، وَلَهُ الْحَمْدُ، وَهُوَ عَلَى كُلِّ شَيْءٍ قَدِيرٌ
ला इलाहा इल्लल्लाहु वहदहू ला शरीका लहू, लहुल-मुल्कु व लहुल-हम्दु व हुवा अला कुल्ली शैइन कादिर
अल्लाह के सिवा कोई उपास्य नहीं, वह अकेला है, उसका कोई साझी नहीं। उसी की बादशाही है और उसी के लिए सब प्रशंसा है, और वह हर चीज़ पर क़ादिर (समर्थ) है। जो कोई इस दुआ को दस बार पढ़ता है, वह उस व्यक्ति की तरह है जिसने इस्माईल (अलैहिस्सलाम) की संतानों में से चार गुलामों को आज़ाद कर दिया।
Reference: बुख़ारी नंबर: ६४०३; मुस्लिम नंबर: २६९३