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Language: Hindi
अल्लाह के रसूल (ﷺ) रात में साष्टांग प्रणाम की आयतें पढ़ते थे, वह साष्टांग प्रणाम में जाते और कहते:
سَجَدَ وَجْهِيَ لِلَّذِي خَلَقَهُ، وَشَقَّ سَمْعَهُ وَبَصَرَهُ بِحَوْلِهِ وَقُوَّتِهِ
सजदा वज्हिया लिल्लज़ी ख़लक़हू, व शक़्क़ा सम'अ-हू व बसरहू बि हवलिही व कुव्वतिह
मैंने अपना चेहरा उस व्यक्ति के सामने साष्टांग प्रणाम किया है जिसने इसे बनाया, और इसे अपनी ताकत और अपनी शक्ति से सुनवाई और दृष्टि दी।
Reference: हसन (अल्बानी)। तिर्मिज़ी: ५८०