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Language: Hindi
اَللَّهُمَّ أَلِّفْ بَيْنَ قُلُوبِنَا وَأَصْلِحْ ذَاتَ بَيْنِنَا وَاهْدِنَا سُبُلَ السَّلَامِ وَنَجِّنَا مِنَ الظُّلُمَاتِ إِلَى النُّوْرِ وَجَنِّبْنَا الْفَوَاحِشَ مَا ظَهَرَ مِنْهَا وَمَا بَطَنَ وَبَارِكْ لَنَا فِي أَسْمَاعِنَا وَأَبْصَارِنَا وَقُلُوبِنَا وَأَزْوَاجِنَا وَذُرِّيَّاتِنَا وَتُبْ عَلَيْنَا إِنَّكَ أَنْتَ التَّوَّابُ الرَّحِيْمُ وَاجْعَلْنَا شَاكِرِيْنَ لِنِعْمَتِكَ مُثْنِيْنَ بِهَا قَابِلِيْهَا وَأَتِمَّهَا عَلَيْنَا
अल्लाहुम्मा अल्लिफ़ बैना कुलूबिना व अस्लिह ज़ाता बैनिना वहदिना सुबुलस सलाम, व नज्जिना मिनज़ ज़ुलुमाति इलन नूर, व जन्निबनल फवाहिशा मा ज़हरा मिन्हा व मा बतन, व बारिक लना फी अस्माइना व अब्सारिना व कुलूबिना व अज़वाजिना व ज़ुर्रिय्यातिना व तुब 'अलैना इन्नका अन्तत तव्वाबुर रहीम वज'अल्ना शाकिरीना लिनि'मतिका मुथ-नीना बिहा काबिलीहा व अतिम्महा 'अलैना
ए अल्लाह, हमारे दिलों को जोड़ दे, हमारे रिश्तों को सुधार दे, हमें शांति के रास्ते पर चला, हमें अंधेरे से रोशनी में ला, हमें बेहयाई से बचा, चाहे वो ज़ाहिर हो या छुपी, और हमारे कानों, हमारी आँखों, हमारे दिलों, हमारी पत्नियों और हमारी औलाद में बरकत दे, और हमारी तौबा कुबूल कर; बेशक तू ही तौबा कुबूल करने वाला, रहम करने वाला है। और हमें अपनी नेमतों का शुक्रगुज़ार बना और हमें उसे कुबूल करते हुए तेरी तारीफ करने वाला बना और उसे हम पर पूरा कर। अब्दुल्लाह इब्न मसूद (र.अ) ने कहा: अल्लाह के रसूल (ﷺ) हमें तशहहुद के बाद पढ़ने के लिए यह दुआ सिखाते थे।
Reference: ज़ईफ़ (अल्बानी)। अबू दाऊद: ९६९