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Language: Hindi
اَللَّهُمَّ إِنِّي أَعُوْذُ بِكَ مِنْ عَذَابِ جَهَنَّمَ وَمِنْ عَذَابِ الْقَبْرِ وَمِنْ فِتْنَةِ الْمَحْيَا وَالْمَمَاتِ وَمِنْ شَرِّ فِتْنَةِ الْمَسِيحِ الدَّجَّالِ
अल्लाहुम्मा इन्नी अ'ऊजु बिका मिन 'अज़ाबी जहन्नम, व मिन 'अज़ाबिल-कब्र, व मिन फितनतिल-मह्या वल-ममाति, व मिन शर्रि फितनतिल-मसीहिद-दज्जाल
ए अल्लाह! मैं तेरी पनाह मांगता हूँ जहन्नम के अज़ाब से, कब्र के अज़ाब से, ज़िंदगी और मौत के फितने से और मसीह दज्जाल के फितने की बुराई से। अल्लाह के रसूल (ﷺ) ने कहा: जब तुम में से कोई तशहहुद (प्रार्थना में) कहता है तो उसे चार (परीक्षणों) से अल्लाह की पनाह मांगनी चाहिए और इस तरह कहना चाहिए: (दुआ का उल्लेख ऊपर किया गया है)
Reference: मुस्लिम: ५८८