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Language: Hindi
बुरैदा इब्न हुसैब (र.अ) ने कहा: पैगंबर (ﷺ) ने एक आदमी को दुआ करते हुए सुना, और वह कह रहा था:
اَللَّهُمَّ إِنِّي أَسْأَلُكَ بِأَنِّي اَشْهَدُ أَنَّكَ أَنْتَ اللَّهُ لَا إِلَهَ إِلَّا أَنْتَ الْأَحَدُ الصَّمَدُ الَّذِيْ لَمْ يَلِدْ وَلَمْ يُوْلَدْ وَلَمْ يَكُنْ لَّهُ كُفُوًا أَحَدٌ
अल्लाहुम्मा इन्नी अस'अलुका बि'अन्नी अश-हदु अन्नका अन्तल्लाहु ला इलाहा इल्ला अन्तल्-'अहदुस्-समदुल-लज़ी लम यलिद व लम यूलद व लम यकुन लहु कुफुवन 'अहद
ए अल्लाह, मैं तुझसे सवाल करता हूँ, इस गवाही के साथ कि मैं गवाही देता हूँ कि तू ही अल्लाह है। तेरे सिवा कोई इबादत के लायक नहीं, तू अकेला इलाह है, सब से बेनियाज़ है, न उसने किसी को जन्म दिया और न वह किसी से जन्मा है, और कोई उसके बराबर नहीं है। तब पैगंबर (ﷺ) ने कहा, 'उस ज़ात की कसम जिसके हाथ में मेरी जान है, उसने अल्लाह से उसके सबसे महान नाम से माँगा है, जिसे अगर उससे पुकारा जाए, तो वह जवाब देता है, और जब उससे माँगा जाए, तो वह देता है।
Reference: सहीह (अल्बानी)। अबू दाऊद: १४९३