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Language: Hindi
اَللَّهُمَّ إِنِّي أَسْأَلُكَ بِأَنَّ لَكَ الْحَمْدُ لَا إِلَهَ إِلَّا أَنْتَ وَحْدَكَ لَا شَرِيكَ لَكَ، الْمَنَّانُ، يَا بَدِيعَ السَّمَوَاتِ وَالْأَرْضِ يَا ذَا الْجَلَالِ وَالْإِكْرَامِ، يَا حَيُّ يَا قَيُّومُ إِنِّي أَسْأَلُكَ الْجَنَّةَ وَأَعُوْذُ بِكَ مِنَ النَّارِ
अल्लाहुम्मा इन्नी अस'अलुका बि'अन्ना लकल-हम्दु ला इलाहा इल्ला अन्त वहदक ला शरीक लक, अल-मन्नानु, या बदी'अस्-समावाति वल'अर्दि या ज़ल-जलालि वल-'इकराम, या हय्यु या कय्यूमु 'इन्नी 'अस'अलुकल-जन्नता व 'अ'ऊजु बिका मिनन-नार
ए अल्लाह, मैं तुझसे सवाल करता हूँ, क्योंकि सारी तारीफ तेरे ही लिए है, तेरे सिवा कोई इबादत के लायक नहीं, तू अकेला है, तेरा कोई शरीक नहीं। तू ही हर भलाई देने वाला है। ए आसमानों और ज़मीन के पैदा करने वाले, ए जलाल और इज़्ज़त वाले। ए ज़िंदा और हमेशा रहने वाले, मैं तुझसे जन्नत का सवाल करता हूँ और आग (जहन्नम) से तेरी पनाह मांगता हूँ।
Reference: सहीह (अल्बानी)। अबू दाऊद: १४९३-१४९५