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Language: Hindi
सबान (र.अ) ने कहा कि रसूलुल्लाह (ﷺ) प्रार्थना के बाद तीन बार इस्तिग़फ़ार (माफी मांगना) कहने के बाद यह कहते थे:
اَللَّهُمَّ أَنْتَ السَّلَامُ وَمِنْكَ السَّلَامُ تَبَارَكْتَ يَا ذَا الْجَلَالِ وَالْإِكْرَامِ
अल्लाहुम्मा अन्तास-सलाम व मिनकस-सलाम, तबारकता या ज़ल-जलालि वल-इकराम
ए अल्लाह, तू ही शांति (सलाम) है और तुझसे ही शांति आती है। तू बरकत वाला है, ए जलाल और इज़्ज़त वाले।
Reference: मुस्लिम: ५९१