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Language: Hindi
हर फ़र्ज़ नमाज़ के बाद, सूरह इखलास एक बार:
بِسْمِ اللَّـهِ الرَّحْمَـٰنِ الرَّحِيمِ قُلْ هُوَ اللَّـهُ أَحَدٌ ﴿١﴾ اللَّـهُ الصَّمَدُ ﴿٢﴾ لَمْ يَلِدْ وَلَمْ يُولَدْ ﴿٣﴾ وَلَمْ يَكُن لَّهُ كُفُوًا أَحَدٌ ﴿٤﴾
बिस्मिल्लाह-हिर-रहमानिर-रहीम। (१) कुल हुवल्लाहु अहद। (२) अल्लाहुस-समद। (३) लम यलिद व लम यूलद। (४) व लम यकुन लहु कुफुवन अहद
अल्लाह के नाम से, जो बड़ा मेहरबान, निहायत रहम वाला है। (१) कहो, "वह अल्लाह है, एक है, (२) अल्लाह, बेनियाज़ (सबका सहारा) है। (३) न उसने किसी को जन्म दिया और न वह किसी से जन्मा है, (४) और न उसके कोई बराबर है।" (सूरह इखलास: १-४) सूरह फलक एक बार:
Reference: [१] सहीह (अल्बानी)। अबू दाऊद: १५२३ [२] हसन (अल्बानी)। अबू दाऊद: ५०८२