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Language: Hindi
اَللَّهُمَّ إِيَّاكَ نَعْبُدُ، وَلَكَ نُصَلِّي وَنَسْجُدُ، وَإِلَيْكَ نَسْعَى وَنَحْفِدُ، نَرْجُو رَحْمَتَكَ، وَنَخْشَى عَذَابَكَ، إِنَّ عَذَابَكَ بِالْكَافِرِينَ مُلْحَقٌ، اَللَّهُمَّ إِنَّا نَسْتَعِينُكَ، وَنَسْتَغْفِرُكَ، وَنُثْنِي عَلَيْكَ الْخَيْرَ، وَلَا نَكْفُرُكَ، وَنُؤْمِنُ بِكَ، وَنَخْضَعُ لَكَ، وَنَخْلَعُ مَنْ يَكْفُرُكَ
अल्लाहुम्मा 'इय्याका ना'बुदु, व लका नुसल्ली व नस्जुदु, व 'इलैका नस'आ व नहफिदु, नर्जू रहमतका, व नख्शा 'अज़ाबका, 'इन्ना 'अज़ाबका बिलकाफिरीना मुल्हक। अल्लाहुम्मा 'इन्ना नस्त'ईनुका, व नस्तगफिरुका, व नुस्नी 'अलैका-लखैर, व ला नकफुरुका, व नु'मिनु बिका, व नख्ज़'उ लका, व नख्ल'उ मन यकफुरुक
ए अल्लाह, हम सिर्फ तेरी इबादत करते हैं और तेरे लिए हम नमाज़ पढ़ते हैं और सजदा करते हैं। हम तेरी तरफ दौड़ते हैं (इबादत में) और सेवा करते हैं। हमारी उम्मीद तेरी दया के लिए है और हम तेरी सज़ा से डरते हैं। बेशक, काफिरों के लिए तेरी सज़ा करीब है। ए अल्लाह, हम तेरी मदद और तेरी माफ़ी मांगते हैं, और हम तेरी, भलाई की, तारीफ करते हैं। हम तेरा इनकार नहीं करते और हम तुझ पर ईमान लाते हैं। हम तेरे सामने आत्मसमर्पण करते हैं और जो भी तेरा इनकार करता है उसे छोड़ देते हैं।
Reference: सहीह (अल्बानी)। इरवाउल ग़लील: २/१૭०, बैहक़ी: अस-सुननुल कुबरा - २/२११