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Language: Hindi
यज़ीद इब्न रुकाना इब्न मुत्तलिब (रज़ि.) द्वारा रिवायत: जब अल्लाह के रसूल (ﷺ) ने जनाज़ा प्रार्थना की, तो वे कहते थे:
اَللَّهُمَّ عَبْدُكَ وَابْنُ أَمَتِكَ اِحْتَاجَ إِلَى رَحْمَتِكَ، وَأَنْتَ غَنِيٌّ عَنْ عَذَابِهِ، إِنْ كَانَ مُحْسِنًا فَزِدْ فِي حَسَنَاتِهِ، وَإِنْ كَانَ مُسِيئًا فَتَجَاوَزْ عَنْهُ
अल्लाहुम्मा 'अबदुका वब्नु 'अमतिका एहताजा 'इला रहमतिका, व 'अन्ता गनिय्युन 'अन 'अज़ाबिहि, 'इन काना मु'हसिनन फज़िद फी हसनातिहि, व 'इन काना मुसी'अन फतजावज़ 'अनहु
ए अल्लाह, वह तेरे बंदों और बांदियों का बेटा है, उसे तेरी रहम की ज़रूरत है, और तू उसकी सज़ा से बेनियाज़ है। अगर वह परहेज़गार था, तो उसके इनाम बढ़ा, और अगर वह पापी था तो उसे माफ कर दे।
Reference: सहीह (अल्बानी)। अल-हाकिम: १/३५९