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Language: Hindi
नबी (ﷺ) हर फ़र्ज़ नमाज़ के बाद कहा करते थे, 'बंदा अपने रब से अपनी सभी धार्मिक और दुनियावी ज़रूरतों के लिए मांगेगा, क्योंकि हर चीज़ का खज़ाना अल्लाह के हाथों में है। अल्लाह कहता है (भावार्थ): “और हमारे पास हर चीज़ के खज़ाने हैं, और हम उसे एक ज्ञात माप के अनुसार ही उतारते हैं।” (सूरह अल-हिज्र १५:२१) कोई भी उसे रोक नहीं सकता जो अल्लाह देता है; और कोई भी उसे दे नहीं सकता जिसे वह रोकता है।'
لَا إِلَهَ إِلَّا اللَّهُ وَحْدَهُ لَا شَرِيْكَ لَهُ، لَهُ الْمُلْكُ وَلَهُ الْحَمْدُ وَهُوَ عَلَى كُلِّ شَيْءٍ قَدِيرٌ، اَللَّهُمَّ لَا مَانِعَ لِمَا أَعْطَيْتَ وَلَا مُعْطِيَ لِمَا مَنَعْتَ وَلَا يَنْفَعُ ذَا الْجَدِّ مِنْكَ الْجَدُّ
ला इलाहा इल्लल्लाहु वहदहू ला शरीका लहू, लहुल-मुल्कु व लहुल-हम्दु व हुवा अला कुल्ली शैइन कादिर। अल्लाहुम्मा ला मानिआ लिमा अतैता व ला मुअतिया लिमा मनअता व ला यनफ़उ ज़ल-जद्दी मिन्कल-जद्द।
अल्लाह के सिवा कोई उपास्य नहीं, वह अकेला है, उसका कोई साझी नहीं। उसी की बादशाही है और उसी के लिए सब प्रशंसा है, और वह हर चीज़ पर क़ादिर (समर्थ) है। ऐ अल्लाह, कोई उसे रोक नहीं सकता जो तूने दिया, और कोई उसे दे नहीं सकता जिसे तूने रोक लिया, और किसी धनवान का धन तेरे मुक़ाबले में उसे कोई लाभ नहीं पहुँचा सकता।
Reference: बुख़ारी: ८४४