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Language: Hindi
اَللَّهُمَّ (إِنَّهَا) أَمَتُكَ وَبِنْتُ عَبْدِكَ وَبِنْتُ أَمَتِكَ كَانَتْ يَشْهَدُ أَنْ لَا إِلَهَ إِلَّا أَنْتَ وَأَنَّ مُحَمَّدًا عَبْدُكَ وَرَسُوْلُكَ وَأَنْتَ أَعْلَمُ بِهِ اَللَّهُمَّ إِنْ كَانَتْ مُحْسِنَةً فَزِدْ فِي إِحْسَانِهَا وَإِنْ كَانَتْ مُسِيْئَةً فَتَجَاوَزْ عَنْ سَيِّئَاتِهَا اَللَّهُمَّ لَا تَحْرِمْنَا أَجْرَهَا وَلَا تَفْتِنَّا بَعْدَهَا
अल्ला-हुम्मा, (इन्नाहा) 'अमतुका, व बिन्तु 'अबदिका, व बिन्तु अमतिका, कानत यशहदु अन ला इलाहा इल्ला अन्ता, व अन्ना मु’हम्मदुन ‘अबदुका व रसूलुका, व अन्ता अ’लमु बिहि। अल्ला-हुम्मा, इन कानत मु'हसिनतन फज़िद फी एहसा-निहा, व इन कानत मुसी-अतन फतजा-वज़ ‘अन सय्यि-आ-तिहा। अल्ला-हुम्मा ला-त'हरिमना-अजरहा, वला-तफ़तिन्ना बा'दहा।
ए अल्लाह, यह औरत तेरी बांदी है, तेरे बंदे की बेटी, तेरी बांदी की बेटी। उसने गवाही दी कि तेरे सिवा कोई सच्चा माबूद नहीं और मुहम्मद (ﷺ) तेरे बंदे और तेरे रसूल हैं। और तू इसके बारे में ज़्यादा जानता है। ए अल्लाह, अगर वह नेक काम करने वाली है, तो उसकी नेकी बढ़ा। और अगर उसने गुनाह किया है, तो उसे माफ़ कर। ए अल्लाह, हमें उसके इनाम से महरूम न कर और उसके बाद हमें आज़माइश में न डाल।
Reference: सहीह मवक़ूफ़ (अल्बानी)। अल-मुवत्ता: ५३९