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Language: Hindi
اَللَّهُمَّ أَنْتَ رَبُّهَا، وَأَنْتَ خَلَقْتَهَا، وَأَنْتَ هَدَيْتَهَا لِلْإِسْلَامِ، وَأَنْتَ قَبَضْتَ رُوْحَهَا، وَأَنْتَ أَعْلَمُ بِسِرِّهَا وَعَلَانِيَتِهَا، جِئْنَا شُفَعَاءَ فَاغْفِرْ لَهَا
अल्ला-हुम्मा, अन्ता रब्बुहा, व अन्ता खलक-तहा, व अन्ता हदय-तहा लिल इस्लाम, व अन्ता कबज़-ता रू'हहा, व अन्ता अ'लमु बिसिर्रिहा व 'अला-नियतिहा, जि'ना शुफा'आ-अ फगफिर लहा
ए अल्लाह, तू उसका रब है, तूने उसे पैदा किया है, तूने उसे इस्लाम का रास्ता दिखाया है, तूने उसकी रूह (आत्मा) को रोज़ी दी है, तू उसके खुले और छिपे सब जानता है। हम उसकी सिफारिश करने आए हैं, सो उसे माफ़ कर दे।
Reference: हसन (इब्न हजर)। अर-रब्बानिय्याह ४/१૭६