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Language: Hindi
रसूलुल्लाह (ﷺ) सवारी पर चढ़ते समय बिस्मिल्लाह कहते थे, बैठने के बाद वे बाकी कहते थे:
اَلْحَمْدُ لِلَّهِ، سُبْحَانَ الَّذِي سَخَّرَ لَنَا هَذَا وَمَا كُنَّا لَهُ مُقْرِنِيْنَ وَإِنَّا إِلَى رَبِّنَا لَمُنْقَلِبُوْنَ، اَلْحَمْدُ لِلَّهِ، اَلْحَمْدُ لِلَّهِ، اَلْحَمْدُ لِلَّهِ، اللَّهُ أَكْبَرُ، اللَّهُ أَكْبَرُ، اَللّهُ أَكْبَرُ، (لَا إِلٰهَ إِلَّا أَنْتَ) سُبْحَانَكَ، إِنِّي ظَلَمْتُ نَفْسِيْ فَاغْفِرْ لِي فَإِنَّهُ لَا يَغْفِرُ الذُّنُوْبَ إِلاَّ أَنْتَ
अल्हम्दु लिल्लाह। सुब्हानल्लज़ी सख्खरा लना हाज़ा व मा कुन्ना लहु मुक-रिनीन। व इन्ना इला रब्बिना लमुन्कलिबून। अल्हम्दु लिल्लाह, अल्हम्दु लिल्लाह, अल्हम्दु लिल्लाह, अल्लाहु अकबर, अल्लाहु अकबर, अल्लाहु अकबर, (ला इलाहा इल्ला अन्ता) सुब्हानक इन्नी ज़लम्तु नफ़्सी फगफिर ली, फइन्नहु ला यगफिरुज़-ज़ुनूबा इल्ला अन्ता
तारीफ अल्लाह के लिए है। पाक है वह (अल्लाह) जिसने हमारे लिए इसे (सवारी को) वश में कर दिया, हालाँकि हम इसे अपने वश में नहीं कर सकते थे। और बेशक, हम अपने रब की तरफ लौटने वाले हैं। तारीफ अल्लाह के लिए है। तारीफ अल्लाह के लिए है। तारीफ अल्लाह के लिए है। अल्लाह सबसे बड़ा है। अल्लाह सबसे बड़ा है। अल्लाह सबसे बड़ा है। पाक है तू। ए अल्लाह, मैंने अपनी जान पर ज़ुल्म किया है। मुझे माफ कर दे, क्योंकि तेरे सिवा कोई गुनाह माफ नहीं करता।
Reference: सहीह (अल्बानी)। तिर्मिज़ी: ३४४६