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Language: Hindi
اَللَّهُمَّ رَّبَّ السَّمَاوَاتِ السَّبْعِ وَمَا أَظْلَلْنَ، وَرَبَّ الْأَرَضِيْنَ السَّبْعِ ومَا أَقْلَلْنَ، ورَبَّ الشَّيَاطِيْنِ ومَا أَضْلَلْنَ، ورَبَّ الرِّيَاحِ وَمَا ذَرَيْنَ، أَسْأَلُكَ خَيْرَ هَذِهِ الْقَرْيَةِ وَخَيْرَ أَهْلِهَا، (وَخَيْرَ مَا فِيهَا) وَنَعُوذُ بِكَ مِنْ شَرِّهَا وَشَرِّ أَهْلِهَا وشَرِّ مَا فِيهَا
अल्लाहुम्मा रब्बस-समावातिस-सब'इ व मा अज़लल-न, व रब्बाल-'अराज़ीनस-सब'इ व मा अक्लल-न, व रब्बश-शयातीनि व मा अज़लल-न, व रब्बर-रियाहि व मा ज़राय-न। अस्-अलुका खै-र हाज़िहिल-कर्यति व खै-र अहलिहा, (व खै-र मा फीहा), व नऊज़ु बिका मिन शर्रिहा, व शर्रि अहलिहा, व शर्रि मा फीहा
ए अल्लाह, सातों आसमानों के और उन चीज़ों के रब जिन पर वो साया किए हुए हैं, और सातों ज़मीनों के और उन चीज़ों के रब जिन्हें वो उठाए हुए हैं, और शैतानों के और उन चीज़ों के रब जिन्हें उन्होंने गुमराह किया है, और हवाओं के और उन चीज़ों के रब जिन्हें वो उड़ाए फिरती हैं। मैं तुझ से इस बस्ती की भलाई, और इसके रहने वालों की भलाई, और उन चीज़ों की भलाई माँगता हूँ जो इसमें हैं। और मैं तेरी पनाह माँगता हूँ इसकी बुराई से, और इसके रहने वालों की बुराई से, और उन चीज़ों की बुराई से जो इसमें (मौजूद) हैं।
Reference: हसन लिग़ैरिही (अल्बानी)। सहीह इब्न खुज़ैमाह: २५६५