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Language: Hindi
पैगंबर (ﷺ) रात के अंत में यात्रा के दौरान कहते थे:
سَمِعَ سَامِعٌ بِحَمْدِ اللَّهِ، وَحُسْنِ بَلَائِهِ عَلَيْنَا، رَبَّنَا صَاحِبْنَا، وَأَفْضِلْ عَلَيْنَا، عَائِذًا بِاللَّهِ مِنَ النَّارِ
समि'अ सामि'उन बिहम्दिल्लाहि व हुस्नि बला-'इहि 'अलैना। रब्बना साहिबना, व 'अफज़िल 'अलैना 'आ-'इज़न बिल्लाहि मिनन-नार।
सुनने वाले ने सुना कि हम अल्लाह की उन नेमतों पर उसकी तारीफ कर रहे हैं जो उसने हमें दी हैं। हमारे रब हमारे साथ हो और हम पर अपना फज़्ल कर। मैं आग (जहन्नम) से अल्लाह की पनाह मांगता हूँ।
Reference: मुस्लिम: २७१८