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Language: Hindi
पैगंबर (ﷺ) हसन (रज़ि.) और हुसैन (रज़ि.) के लिए अल्लाह की पनाह मांगते थे और कहते थे:
أُعِيذُكُمَا [أَعُوْذُ] بِكَلِمَاتِ اللَّهِ التَّامَّةِ مِنْ كُلِّ شَيْطَانٍ وَهَامَّةٍ وَمِنْ كُلِّ عَيْنٍ لَامَّةٍ
उ'इधुकुमा (अपने लिए: अऊज़ु) बि कलिमत-इल्लहित-तम्मति मिन कुल्लि शैतानिन व हम्माह, व मिन कुल्लि 'अयनिन लाम्माह
मैं तुम्हें हर शैतान, कीड़े और हर बुरी नज़र से अल्लाह के पूर्ण शब्दों की सुरक्षा में सौंपता हूँ।
Reference: बुख़ारी: ३३૭१