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Language: Hindi
अब्दुल्लाह इब्न उमर (रज़ि.) द्वारा रिवायत: हमने गिना कि अल्लाह के रसूल (ﷺ) एक बैठक के दौरान सौ बार यह दुआ कहते थे -
رَبِّ اغْفِرْ لِي وَتُبْ عَلَيَّ إِنَّكَ أَنْتَ التَّوَّابُ الرَّحِيمُ (الْغَفُوْرُ)
रब्बिघफिरली वतुब अलैय्या इन्नका अंतत-तव्वाबुल-रहीम
मेरे रब, मुझे माफ़ कर और मेरी तौबा क़बूल कर, बेशक तू तौबा क़बूल करने वाला और रहम करने वाला है।
Reference: सहीह. अबू दाऊद: १५१६