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Language: Hindi
पैगंबर (ﷺ) ने कहा कि जब कोई महिला अपने पति के पास आती है, तो पति नमाज़ के लिए खड़ा होगा और उसकी पत्नी भी उसके पीछे खड़ी होगी और वे दोनों नमाज़ की दो रकात अदा करने के बाद कहेंगे।
اَللَّهُمَّ بَارِكْ لِي فِي أَهْلِي، وَبَارِكْ لِأَهْلِي فِيَّ اَللَّهُمَّ ارْزُقْهُمْ مِنِّي، وَارْزُقْنِي مِنْهُمْ، اَللَّهُمَّ اجْمَعْ بَيْنَنَا مَا جَمَعْتَ فِي خَيْرٍ، وفَرِّقْ بَيْنَنَا إِذَا فَرَّقْتَ فِي خَيْرٍ
अल्लाहुम्मा बारिक ली फी अहली, व बारिक ली अहली फिय्या। अल्लाहुम्मर-ज़ुक़्हुम मिन्नी, वर ज़ुक़्नी मिन्हुम। अल्लाहुम्मज-म' बैनाना मा जमा'ता फी खैरिन्। व फर्रिक बैनाना इज़ा फर-रक-ता फी खैर
या अल्लाह! मेरे परिवार में मेरे लिए बरकत दे और मेरे परिवार के लिए मुझमें बरकत दे। या अल्लाह! उन्हें मुझसे रिज्क दे और मुझे उनसे रिज्क दे। या अल्लाह! हमारे बीच सारी भलाई इकट्ठा कर जो तूने जमा की और अगर तू हमसे कोई भलाई अलग करता है तो उसे भलाई के साथ अलग कर।
Reference: सहीह (अल्बानी)। आदाबुज़ ज़िफ़ाफ़: २४