Loading...
Language: Hindi
رَّبِّ اغْفِرْ لِي وَلِوَالِدَيَّ وَلِمَن دَخَلَ بَيْتِيَ مُؤْمِنًا وَلِلْمُؤْمِنِينَ وَالْمُؤْمِنَاتِ وَلَا تَزِدِ الظَّالِمِينَ إِلَّا تَبَارًا
रब्बिगफ़िर ली व लि वालिदिय्या व लिमन दखला बयतिदा मुमिनन...
मेरे रब, मुझे और मेरे माता-पिता और जो कोई भी मेरे घर में मोमिन के रूप में प्रवेश करता है और मोमिन पुरुषों और मोमिन औरतों को माफ कर दे। और जालिमों को विनाश के अलावा किसी चीज़ में न बढ़ा।"
Reference: सूरा नूह ૭१:२८