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Language: Hindi
आयशा ने रिवायत किया कि अल्लाह के रसूल (ﷺ) इन शब्दों के साथ दुआ करते थे:
اَللَّهُمَّ إِنِّي أَعُوْذُ بِكَ مِنْ فِتْنَةِ النَّارِ وَعَذَابِ النَّارِ، وَفِتْنَةِ الْقَبْرِ، وَعَذَابِ الْقَبْرِ، وَشَرِّ فِتْنَةِ الْغِنَى، وَشَرِّ فِتْنَةِ الْفَقْرِ، اَللَّهُمَّ إِنِّي أَعُوْذُ بِكَ مِنْ فِتْنَةِ الْمَسِيحِ الدَّجَّالِ، اَللَّهُمَّ اغْسِلْ قَلْبِي بِمَاءِ الثَّلْجِ وَالْبَرَدِ، وَنَقِّ قَلْبِي مِنَ الْخَطَايَا كَمَا نَقَّيْتَ الثَّوْبَ الْأَبْيَضَ مِنَ الدَّنَسِ، وَبَاعِدْ بَيْنِي وَبَيْنَ خَطَايَايَ كَمَا بَاعَدْتَ بَيْنَ الْمَشْرِقِ وَالْمَغْرِبِ. اَللَّهُمَّ إِنِّي أَعُوْذُ بِكَ مِنَ الْكَسَلِ وَالْهَرَمِ وَالْمَأْثَمِ وَالْمَغْرَمِ
अल्लाहुम्मा इन्नी 'अऊज़ु बिका मिन फितनतिन-नार, व 'अज़ाबिन-नार, व 'अज़ाबिल-कब्र, व फितनतिल-कब्र, व शर्री फितनतिल-गिना, व शर्री फितनतिल-फक्र, अल्लाहुम्मा इन्नी 'अऊज़ु बिका मिन फितनतिल- मसीहिद-दज्जाल। अल्लाहुम्माघसिल कल्बी बि-मा'इथ-थल्जी वल-बरद, व नक़्क़ि कल्बी मिनल-खताया कमा नक़्क़ैतथ-थौबल-अब्यदा मिनद-दनस, व बाधित बैनी व बैना खतायाया कमा बाधित बैन्नल-मशरिकी वल मगरिब, अल्लाहुम्मा इन्नी 'अऊज़ु बिका मिन अल-कसली वल-हरमी वल-म'थमी वल-मगरम
हे अल्लाह, वास्तव में, मैं आग की परीक्षा, और आग की सजा, और कब्र की सजा, और कब्र की परीक्षा, और कब्र की परीक्षा की बुराई, और धन की परीक्षाओं की बुराई, और गरीबी की परीक्षाओं की बुराई, और झूठे मसीह की परीक्षा की बुराई से तेरी पनाह मांगता हूं। हे अल्लाह, मेरे पापों को बर्फ और ओलो के पानी से धो दे, और मेरे दिल को पापों से साफ कर दे, जैसा कि तूने एक सफेद कपड़े को गंदे से साफ किया, और मुझे और मेरे पापों को दूर कर दे जैसा कि तूने पूर्व और पश्चिम के बीच दूरी की। ए अल्लाह, वास्तव में, मैं आलस्य, बुढ़ापे, पाप और कर्ज से तेरी पनाह मांगता हूं।
Reference: सहीह. तिर्मिज़ी: ३४९५