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Language: Hindi
The Messenger of Allah (ﷺ) said, “The supplication of the anxious person is -
اَللَّهُمَّ رَحْمَتَكَ أَرْجُو، فَلَا تَكِلْنِي إِلَى نَفْسِي طَرْفَةَ عَيْنٍ، وَأَصْلِحْ لِي شَأْنِي كُلَّهُ، لَا إِلَهَ إِلَّا أَنْتَ
अल्लाहुम्मा रहमतका अर्जू फला तकिलनी इला नफ्सी तरफता 'ऐन, व अस्लिह ली श'नी कुल्लहु, ला इलाहा इल्ला अंत
ऐ अल्लाह, मैं तेरी दया की उम्मीद करता हूँ। मुझे एक पल (यानी एक क्षण) के लिए भी मेरे हाल पर मत छोड़। मेरे लिए मेरे सभी मामलों को ठीक कर दे। तेरे सिवा कोई इबादत के लायक नहीं है।
Reference: [१] हसन. अबू दाऊद: ५०९० [२] बुख़ारी: २८९३