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Language: Hindi
Ibn 'Abbas (RA) said: The Messenger of Allah (ﷺ) used to say these words in times of danger or hardship:
لَا إِلَهَ إِلَّا اللَّهُ، الْعَظِيْمُ الْحَلِيْمُ لَا إِلَهَ إِلَّا اللَّهُ، رَبُّ الْعَرْشِ الْعَظِيْمِ لَا إِلَهَ إِلَّا اللَّهُ، رَبُّ السَّمَاوَاتِ، وَرَبُّ الْأَرْضِ، وَرَبُّ الْعَرْشِ الْكَرِيمِ
ला इलाहा इल्लल्लाहुल-'अज़ीमुल-हलीम, ला इलाहा इल्लल्लाहु रब्बुल-'अर्शिल-'अज़ीम, ला इलाहा इल्लल्लाहु रब्बुस-समावाति व रब्बुल-अर्दि व रब्बुल-'अर्शिल-करीम
महान और सहनशील अल्लाह के अलावा कोई इबादत के लायक नहीं है। महान सिंहासन के रब, अल्लाह के अलावा कोई इबादत के लायक नहीं है। अल्लाह के अलावा कोई इबादत के लायक नहीं है, जो आकाशों का रब और पृथ्वी का रब और महान सिंहासन का रब है।
Reference: बुख़ारी ७४३१