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Language: Hindi
When repaying the loan, the Prophet (ﷺ) said:
بَارَكَ اللَّهُ لَكَ فِي أَهْلِكَ وَمَالِكَ، إِنَّمَا جَزَاءُ السَّلَفِ الْحَمْدُ وَالْأَدَاءُ
बारकल्लाहु लका फी अहलिका व मालिका, इन्नमा जज़ाउस्-सलफ़िल-हमदु वल-अदा'
अल्लाह तुम्हारे परिवार और तुम्हारे माल में बरकत दे, बेशक कर्ज का बदला तारीफ और अदायगी (लौटाना) है।
Reference: सहीह (अल्बानी)। अन-नसाई: ४६८३