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Language: Hindi
पैगंबर (ﷺ) ने कहा: अगर तुम्हें कभी किसी की तारीफ करनी पड़े, तो कहो:
أَحْسِبُ فُلَانًا وَاللَّهُ حَسِيْبُهُ وَلَا أُزَكِّيْ عَلَى اللَّهِ أَحَدًا أَحْسِبُهُ كَذَا وَكَذَا
अहसिबु फुलानन वल्लाहु हसीबुहू व ला उज़क्की 'अलल्लाहि अहदन अहसिबुहू कज़ा व कज़ा
मैं उसे ऐसा और ऐसा समझता हूँ, और अल्लाह ही उसका (असली) हिसाब लेने वाला है, और मैं अल्लाह के सामने किसी की (पवित्रता की) गवाही नहीं देता, लेकिन मैं उसे ऐसा और ऐसा समझता हूँ।
Reference: बुख़ारी: २६६२