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Language: Hindi
اَللَّهُمَّ لَا تُؤَاخِذْنِيْ بِمَا يَقُوْلُوْنَ وَاغْفِرْ لِي مَا لَا يَعْلَمُوْنَ (وَاجْعَلْنِيْ خَيْرًا مِمَّا يَظُنُّوْنَ)
अल्लाहुम्मा ला तु-आख़िज़नी बिमा यक़ूलून, वग़्फ़िर ली मा ला या'लमून [वज-'अलनी ख़ैरम-मिम्मा यज़ुन्नून]
ऐ अल्लाह, जो कुछ वे कहते हैं उस पर मेरी पकड़ न कर, और मेरे उन गुनाहों को माफ़ कर दे जिन्हें वे नहीं जानते [और मुझे उससे बेहतर बना दे जो वे गुमान करते हैं]।
Reference: सहीह. अदबुल मुफ़्रद: ७६१, कोष्ठक में दिया गया भाग (शुअबुल ईमान ४/२८८)