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Language: Hindi
اَللَّهُمَّ اقْسِمْ لَنَا مِنْ خَشْيَتِكَ مَا يَحُولُ بَيْنَنَا وَبَيْنَ مَعَاصِيْكَ وَمِنْ طَاعَتِكَ مَا تُبَلِّغُنَا بِهِ جَنَّتَكَ وَمِنَ الْيَقِيْنِ مَا تُهَوِّنُ بِهِ عَلَيْنَا مُصِيْبَاتِ الدُّنْيَا وَمَتِّعْنَا بِأَسْمَاعِنَا وَأَبْصَارِنَا وَقُوَّتِنَا مَا أَحْيَيْتَنَا وَاجْعَلْهُ الْوَارِثَ مِنَّا وَاجْعَلْ ثَأْرَنَا عَلَى مَنْ ظَلَمَنَا وَانْصُرْنَا عَلَى مَنْ عَادَانَا وَلَا تَجْعَلْ مُصِيْبَتَنَا فِي دِيْنِنَا وَلَا تَجْعَلِ الدُّنْيَا أَكْبَرَ هَمِّنَا وَلَا مَبْلَغَ عِلْمِنَا وَلَا تُسَلِّطْ عَلَيْنَا مَنْ لَا يَرْحَمُنَا
अल्लाहुम्मक-सिम लना मिन खशयति-क मा य-हूलु बै-नना व बैना मआ-सीक, व मिन ताअति-क मा तुबल्लि-गुना बिही जन्नत-क, व मिनल-यक़ीनि मा तु-हव्विनु बिही 'अलैना मुसी-बतिद-दुनिया, व मत्ति'अना बि-अस्माअिना, व अब्सारिना, व क़ुव्वतिना मा अह-यय-तना, वज'अल-हुल-वारिसा मिन्ना, वज'अल सार-ना 'अला मन ज़ल-मना, वन-सुरना 'अला मन 'आदा-ना, व ला तज'अल मुसी-बतना फी दीनिना, व ला तज'अलिद-दुनिया अकबरा हम्मिना, व ला मब-लग़ 'इल्मिना, व ला तुसल्लित 'अलैना मन ला यर-हमुना
ऐ अल्लाह! हमें अपनी खशियत (डर) का इतना हिस्सा अता कर जो हमारे और तेरी नाफरमानी के बीच आड़ बन जाए, और अपनी तात (आज्ञाकारिता) का इतना हिस्सा दे जो हमें तेरी जन्नत तक पहुँचा दे, और यकीन (विश्वास) का इतना हिस्सा दे जिससे दुनिया की मुसीबतें हमारे लिए आसान हो जाएं। ऐ अल्लाह! जब तक तू हमें जिंदा रखे, हमें हमारे कानों, हमारी आँखों और हमारी ताकत से फायदा उठाने वाला बना, और इसे (इन नेअमतों को) हमारा वारिस बना (मरते दम तक साथ रखे)। और हमारा बदला उन लोगों तक सीमित रख जिन्होंने हम पर जुल्म किया, और जो हमसे दुश्मनी रखते हैं उनके खिलाफ हमारी मदद कर। और हमारी मुसीबत को हमारे दीन में न बना (दीन का नुकसान न हो), और दुनिया को हमारी सबसे बड़ी चिंता न बना, और न ही हमारे ज्ञान की हद, और हम पर ऐसे लोगों को न थोप जो हम पर रहम न करें।
Reference: हसन. तिर्मिज़ी: ३५०२