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Language: Hindi
पैगंबर (ﷺ) दस्तरखान उठाते समय कहा करते थे:
اَلْحَمْدُ لِلَّهِ حَمْدًا كَثِيرًا طَيِّبًا مُبَارَكًا فِيهِ، غَيْرَ مَكْفِيٍّ وَلَا مُوَدَّعٍ، وَلَا مُسْتَغْنًى عَنْهُ رَبَّنَا
अल्हम्दु लिल्लाहि हम्दन कसीरन तय्यिबन मुबारकन फीहि, ग़ैरा [मकफिय्यिन व ला] मुवद्द'इन, व ला मुस्तग़नन 'अन्हु रब्बना
सब तारीफ अल्लाह के लिए है, बहुत ज्यादा, पाकीज़ा और बरकत वाली तारीफ। जिसे न तो [बदला दिया जा सकता है, न छोड़ा जा सकता है], और न ही इसके बिना काम चल सकता है, ऐ हमारे रब।
Reference: बुख़ारी: ५४५८, सहीह. तिर्मिज़ी: ३४५६