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Language: Hindi
अल्लाह के रसूल (ﷺ) ने कहा: यदि तुम ऊंट खरीदते हो, तो तुम्हें उसका कूबड़ पकड़ना चाहिए और कहना चाहिए:
اَللَّهُمَّ إِنِّي أَسْأَلُكَ خَيْرَهَا وَخَيْرَ مَا جَبَلْتَهَا عَلَيْهِ وَأَعُوْذُ بِكَ مِنْ شَرِّهَا وَمِنْ شَرِّ مَا جَبَلْتَهَا عَلَيْهِ
अल्लाहुम्मा इन्नी अस-अलुका खैराहा व खैरा मा जबल्तहा अलैहि व अऊज़ु बिका मिन शर्रिहा व मिन शर्रि मा जबल्तहा अलैही
ऐ अल्लाह, मैं तुझसे इसकी भलाई और उस स्वभाव की भलाई मांगता हूँ जिस पर तूने इसे पैदा किया है, और मैं इसकी बुराई और उस स्वभाव की बुराई से तेरी पनाह मांगता हूँ जिस पर तूने इसे पैदा किया है।
Reference: हसन. अबू दाऊद: २१६०