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Language: Hindi
आयशा (र.अ) ने कहा कि जब आंधी आती थी, तो रसूलुल्लाह (ﷺ) कहा करते थे -
اَللَّهُمَّ إِنِّي أَسْأَلُكَ خَيْرَهَا، وَخَيْرَ مَا فِيهَا، وَخَيْرَ مَا أُرْسِلَتْ بِهِ وَأَعُوْذُ بِكَ مِنْ شَرِّهَا، وَشَرِّ مَا فِيهَا، وَشَرِّ مَا أُرْسِلَتْ بِهِ
अल्लाहुम्मा इन्नी अस-अलुका खैराहा, व खैरा मा फीहा, व खैरा मा उर्सिलत बिहि व अऊज़ु बिका मिन शर्रिहा, व शर्रि मा फीहा, व शर्रि मा उर्सिलत बिहि
ऐ अल्लाह, मैं तुझसे इसकी भलाई, इसमें जो कुछ है उसकी भलाई, और जिसके साथ इसे भेजा गया है उसकी भलाई मांगता हूँ। और मैं तुझसे इसकी बुराई, इसमें जो कुछ है उसकी बुराई, और जिसके साथ इसे भेजा गया है उसकी बुराई से पनाह मांगता हूँ।
Reference: मुस्लिम: ८९९