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Language: Hindi
अब्दुल्लाह इब्न उमर (र.अ) ने रिवायत किया: जब उन्होंने बिजली की कड़क या गरज जैसी तेज आवाज सुनी, तो अल्लाह के रसूल (ﷺ) कहते थे:
اَللَّهُمَّ لَا تَقْتُلْنَا بِغَضَبِكَ وَلَا تُهْلِكْنَا بِعَذَابِكَ وَعَافِنَا قَبْلَ ذَلِكَ
अल्लाहुम्मा ला तक-तुलना बि-ग़ज़बिक व ला तुह-लिकना बि-अज़ाबिक व आफ़िना क़ब्ल ज़ालिक
ऐ अल्लाह, हमें अपने गुस्से से मत मार, और हमें अपनी सजा से नष्ट मत कर, और उससे पहले हमें माफ कर दे।
Reference: सहीहुल इस्नाद (अहमद शाकिर)। मुसनद अहमद: ८/९८