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Language: Hindi
जाबिर बिन अब्दुल्लाह (र.अ) ने रिवायत किया: (सूखे के कारण) कुछ लोग पैगंबर (ﷺ) के पास रोते हुए आए। तब पैगंबर (ﷺ) ने कहा -
اَللَّهُمَّ اسْقِنَا غَيْثًا مُغِيْثًا مَرِيْئًا مَرِيْعًا نَافِعًا غَيْرَ ضَارٍّ عَاجِلًا غَيْرَ آجِلٍ
अल्लाहुम्मा ‘अस्किना ग़ैसन मुग़ीसन मरी-अन मरी’अन, नाफ़ि’अन ग़ैरा ज़र्रिन, ‘आजिलन ग़ैरा ‘आजिल
ऐ अल्लाह, हम पर भरपूर बारिश बरसा, जो फायदेमंद हो नुकसानदेह नहीं, जल्दी और बिना देरी के।
Reference: सहीह (अल्बानी)। अबू दाऊद: ११६९