Loading...
Language: Hindi
एक दिन हम नबी (ﷺ) के पीछे नमाज़ पढ़ रहे थे। जब उन्होंने झुकने से अपना सिर उठाया, तो उन्होंने कहा, "समिअल्लाहु लिमन हमिदह" उनके पीछे एक आदमी ने कहा -
رَبَّنَا وَلَكَ الْحَمْدُ، حَمْدًا كَثِيْرًا طَيِّبًا مُبَارَكًا فِيهِ
रब्बना व लकल-हम्द, हम्दन कसीरन तय्यिबन मुबारकन फियह
हमारे रब, तेरे ही लिए सब तारीफ़ है, बहुत ज़्यादा, अच्छी और बरकत वाली तारीफ़। जब नबी (ﷺ) ने नमाज़ पूरी की, तो उन्होंने पूछा, "ये शब्द किसने कहे?" उस आदमी ने जवाब दिया, "मैंने।" नबी (ﷺ) ने कहा, "मैंने तीस से ज़्यादा फ़रिश्तों को इसे पहले लिखने की होड़ करते देखा।"
Reference: बुख़ारी: ૭९९